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दहेज प्रथा का अर्थ एवं कारण एवं सुझाव

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 दहेज प्रथा का अर्थ   प्राचीन काल में शादी के समय कन्या पक्ष की तरफ से अपनी कन्या की सुख सुविधाओं के लिए दिया गया धन एवं उपयोग की वस्तुओं को समाजशास्त्र में दहेज प्रथा के नाम से जाना जाता है प्राचीन काल में यह धन पुत्री का पिता अपनी स्वेच्छा से उसके विवाह में खर्च किया करता था इसे ही प्राचीन काल में    दहेज प्रथा कहते थे दहेज प्रथा  दहेज का अर्थ सामान्य था उस राशि वस्तु या संपत्ति से लगाया जाता है जिससे कन्या पक्ष विभाग के अवसर पर  बर  पक्ष को प्रदान करता है दहेज प्रथा के कारण (1) अनुलोम विवाह (2)अंतर विवाह(3) संयुक्त परिवारों में स्त्रियों का शोषण(4) धन के महत्व में वृद्धि(5 महंगी शिक्षा प्रणाली(6) विवाह की अनियमितता दहेज प्रथा के दोष  पारिवारिक संघर्ष(2)  बेमेल विवाह (3) निम्न जीवन स्तर (4) विवाह का व्यापारी करणक (5) बाल विवाह को प्रोत्साहन (6) आपे भाई तू लड़कियों की संख्या में वृद्धि                                   ...

संयुक्त परिवार किसे कहते हैं

संयुक्त परिवार किसे कहते हैं संयुक्त परिवार हमें ऐसे परिवारों को कहते हैं जिसमें माता पिता और उनके बच्चे एवं उनके वृद्ध माता पिता एवं चाचा चाची बहु बेटा घर के सभी सदस्य एक साथ मिल जुल कर रहते हैं और उनका खाना एक चूल्हे पर साथ साथ पकता है और वह एक दूसरे का प्रत्येक कार्य में सहयोग देते हैं ऐसे परिवारों को समाजशास्त्र में संयुक्त परिवारों के नाम से जाना जाता है संयुक्त परिवार का उद्देश्य संयुक्त परिवार का मुख्य उद्देश्य यह था की परिवार के ऐसे लोगों को सहायता देना था जोकि कोई भी कार्य नहीं कर सकते थे जैसे बूढ़े माता-पिता एवं परिवार के मंदबुद्धि बच्चे जो की अपना पालन पोषण स्वयं नहीं कर पाते थे ऐसे लोगों को सहायता देना एवं उनके भरण पोषण हेतु संयुक्त परिवारों की शुरुआत हुई जिससे कि ऐसे सभी परिवारों का भरण पोषण हो सके और उनकी जीवन शैली चल सकें इसी उद्देश्य से समाजशास्त्र में संयुक्त परिवारों पर विशेष बल दिया गया संयुक्त परिवार के फायदे    समाजशास्त्र मैं संयुक्त परिवार के निम्नलिखित फायदे एवं उद्देश्यों को प्रदर्शित किया गया है संयुक्त परिवार में ऐस...

परिवार किसे कहते हैं

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परिवार किसे कहते हैं भारतीय समाज समाज में परिवार हम उसे  कहते हैं जिसमें पति पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल होते हैं उसे हम परिवार कहते हैं वह सदस्य परिवार में शामिल नहीं होते जिनकी शादी हो जाती है वह परिवार के अंतर्गत नहीं आते परिवार में केवल भारती कानून के अनुसार पति पत्नी उनके आ विवाहित बच्चे आते हैं विभाग का मूल, उद्देश्य भारतीय समाज में का का मुख्य उद्देश्य संतान उत्पत्ति का होता है संतान उत्पत्ति के लिए भारतीय समाज में परिवार का होना अनिवार्य माना जाता है क्योंकि बिना विवाह के बच्चे पैदा करना गैर कानूनी एवं अवैध संबंध य अवैध संतान मानी जाती है इसलिए भारतीय समाज में परिवार उत्पत्ति के लिए विवाह का होना अनिवार्य है                                       Dr subhash chandra 

जीवन एक संघर्ष .डॉक्टर सुभाष चंद्र

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Dr. Subhash Chandra    प्रिय दर्शकों मैं लेखक तो नहीं हूं पर आज से मैं ब्लॉग लिखना शुरुआत कर रहा हूं और अपने जीवन के संघर्ष को आपके साथ शेयर करना चाहता हूं अगर मेरे अनुभवों से आपको कुछ अच्छा मिलता है तो उसे ग्रहण करना है और कुछ भी नहीं मिलता है तो उसे डस्टबिन में डाल दें मैं यह आशा करता हूं की मेरे जीवन के बारे में जानकर आपको अच्छी अनुभूति होगी .   मेरा नाम जैसा कि आपने टाइटल में पढ़ ही लिया है डॉक्टर सुभाष चंद्र है मैंने एमी समाजशास्त्र और पी एच डी समाजशास्त्र मैं की है मेरे परिवार में हम तीन भाई और दो बहने हैं मेरे बड़े भाई भी एमएससी पीएचडी हैं और मेरा छोटा भाई  भी BDS doctor है और मेरी बड़ी बहन भी एम ए पीएचडी है और छोटी बहन भी  एमएससी  बीटीसी मेरे पिता पेशे से व्यापारी हैं और हमारा पैतृक  काम व्यापार ही है हमारे पिताजी ने बड़े ही मेहनत कर कर व्यापार किया  और हम पांचों भाई बहन को उच्च शिक्षा दिलवाई      जिससे कि हम समाज और देश के लिए कुछ कर सकें  मेरे प्रिय दोस्तों मैं अब अपने बारे में कुछ...