जीवन एक संघर्ष .डॉक्टर सुभाष चंद्र



Dr. Subhash Chandra  

 प्रिय दर्शकों मैं लेखक तो नहीं हूं पर आज से मैं ब्लॉग लिखना शुरुआत कर रहा हूं और अपने जीवन के संघर्ष को आपके साथ शेयर करना चाहता हूं अगर मेरे अनुभवों से आपको कुछ अच्छा मिलता है तो उसे ग्रहण करना है और कुछ भी नहीं मिलता है तो उसे डस्टबिन में डाल दें मैं यह आशा करता हूं की मेरे जीवन के बारे में जानकर आपको अच्छी अनुभूति होगी .  

मेरा नाम जैसा कि आपने टाइटल में पढ़ ही लिया है डॉक्टर सुभाष चंद्र है मैंने एमी समाजशास्त्र और पी एच डी समाजशास्त्र मैं की है मेरे परिवार में हम तीन भाई और दो बहने हैं मेरे बड़े भाई भी एमएससी पीएचडी हैं और मेरा छोटा भाई  भी BDS doctor है और मेरी बड़ी बहन भी एम ए पीएचडी है और छोटी बहन भी  एमएससी  बीटीसी मेरे पिता पेशे से व्यापारी हैं और हमारा पैतृक  काम व्यापार ही है हमारे पिताजी ने बड़े ही मेहनत कर कर व्यापार किया  और हम पांचों भाई बहन को उच्च शिक्षा दिलवाई 

    जिससे कि हम समाज और देश के लिए कुछ कर सकें
 मेरे प्रिय दोस्तों मैं अब अपने बारे में कुछ आपको बताना चाहता हूं मैं बचपन से ही पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था और मैं ज्यादा पढ़ना नहीं चाहता था किंतु मेरे पिताजी के तारों ने मुझे पीएचडी करने तक मजबूर कर दिया सच कहते हैं की यदि कोई बात दिल पर लग जाए तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है जैसे कि मेरे पिता जब भी हमारे घर में कोई रिश्तेदार आया करता था तो उनसे अपने बड़े बेटे और छोटे बेटे की तारीफ किया करते थे जब मेरा नंबर आता था तो वह सबके सामने बोलते थे कि यह जीवन में कुछ भी नहीं कर पाएगा दोस्तों सच बताऊं तो यह बात मुझे कांटे की तरह छुट्टी थी और हर बार में मुट्ठी बांध लेता था कि अब मुझे कुछ करके ही दिखाना है और एक दिन मैंने मुट्ठी बांध ली और अपने मन में दृढ़ निश्चय कर लिया कि मैं इतनी पढ़ाई करूंगा कि उनके दोनों बेटों में सबसे ज्यादा डिग्री अगर किसी के पास होगी तो वह मेरे पास होंगी फिर क्या था मैं पढ़ाई में जुट गया मैंने हाई स्कूल किया आर्ट साइड से उसके बाद मैंने पुनः हाई स्कूल किया कॉमर्स साइड से उसके बाद मैंने इंटर किया इंटर के बाद मैंने b.a. डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से किया उसके बाद मैंने आईटीआई राजकीय कॉलेज आगरा से की उसके बाद मैंने m.a. छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर से किया और अंत मैं आकर पीएचडी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से कंप्लीट की इसके साथ ही मेरी शिक्षा पूर्ण हुई

दोस्तों मैंने यह सब आपको इसलिए बताया है कि क्योंकि यदि व्यक्ति कोई भी दृढ़ निश्चय कर ले तो वह चीज उसे मिल ही जाती है और वह सफल होता है इसलिए अपने जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए और दिन प्रतिदिन प्रयास करते रहना चाहिए मैं आशा करता हूं की आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी यदि अच्छी लगी है तो लाइक शेयर और कमेंट अवश्य करें धन्यवाद

                                     Dr. Subhash Chandra

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