कैसे करते हैं पेट्रोलियम कंपनी के तेल डिपो चोरी
कैसे करते हैं पेट्रोलियम कंपनी के तेल डिपो चोर
नमस्कार दोस्तों इस ब्लॉग के माध्यम से आज मैं आपको बताऊंगा एवं समझा लूंगा की पेट्रोलियम तेल कंपनियां किस प्रकार चोरी करते हैं और मोटा मुनाफा कमाती हैं यह 1 दिन में कई हजार लीटर माल चोरी करती हैं और इस माल को चोरी से अपने चाहिता ग्राहकों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं जो डीजल पेट्रोल यह है चोरी करते हैं वह डिपो के दलालों के माध्यम से मार्केट में अर्थात फैक्ट्रियों में बेच देते हैं
चोरी में मुख्य रोल डिपो के मैनेजर का होता है जोकि डिपो का जो कंप्यूटर होता है उसे पहले से ही एक टैंकर अर्थात 12000 लीटर तेल मैं 100 लीटर से लेकर 150 लीटर प्रति टैंकर मैं कम माल दिया जाता है एक तेल डिपो से दिन में कई लाख लीटर डीजल और पेट्रोल भरा जाता है जो टैंकरों की मदद से क्षेत्र के पेट्रोल पंप एवं रेलवे एवं कई प्राइवेट संस्थानों को भेजा जाता है जोकि प्रति टैंकर 100 से 150 सौ लीटर माल कम जाता है शाम को यही माल खट्टा कर कर टैंकर में भरकर प्राइवेट कंपनियों एवं फैक्ट्रियों में बेच दिया जाता है जिससे कि डिपो मैनेजर की लाखों में कमाई होती है
मैं आपको बताना चाहता हूं कि इन टैंकरों में जो 12000 लीटर तेल भरा जाता है उसको नापने की कोई आधुनिक व्यवस्था या मीटर नहीं होता है टैंकर को नापने के लिए एक पीतल की छड़ जिसे डिप रोड रोड कहते हैं उससे नाप की जाती है उस की पीतल छड़ पर पर जगह-जगह कट होते हैं उस पीतल की चौकोर रोड वन 1 स 4 नंबर डाले होते हैं 1 बा 2 बा 3 बा 4 और उस पर कट बने होते हैं उसी को टैंकर के डिप होल मैं डालकर माल चेक किया जाता है इसका कोई आधुनिक तरीका नहीं होता कई बार टैंकर चालक टैंक लॉरी के जिस डिप होल डिप रोड डाली जाती है उसमें अन्य कोई पाइप डाल कर ले आते हैं और वह पाइप नीचे से बंद होता है उसमें तेल भर देते हैं और नए पेट्रोल पंप मालिक और कई बार पुराने पंप मालिकों को इस बात पता नहीं चल पाता और उसी में डिप रोड डालकर माल चेक करा दिया जाता है ऐसे बंद हॉल में डिप रोड डालकर कुछ पता नहीं चलता है चाहे भले ही वह टैंकर का चेंबर पूर्ण रूप से खाली हो या उसमें थोड़ा बहुत माल हो .
Dr. Subhash Chandra
Dr. Subhash Chandra


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